आरती
Devotional songs sung with lamps during worship.
18 पाठ
गणेश जी की आरती, जो हर पूजा और मंगल कार्य के आरम्भ में गाई जाती है। एकदन्त, चार भुजाधारी और मूषक पर सवार विघ्नहर्ता का स्मरण।
हनुमान जी की आरती, जो मंगलवार और शनिवार की पूजा तथा हनुमान चालीसा के पाठ के बाद गाई जाती है।
श्रीकृष्ण की आरती, जिसमें गिरिधर कृष्णमुरारी के मोर-मुकुट, मुरली और वृन्दावन की छवि का वर्णन है।
श्री विंध्यवासिनी मातेची आरती। A Marathi Aarti of Vindhyavasini Devi.
सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती, जो प्रायः हर पूजा के अन्त में की जाती है। जगदीश हरि की स्तुति, जो भक्तों के संकट क्षण भर में दूर करते हैं।
माँ दुर्गा की आरती, जो नवरात्रि और देवी पूजा में गाई जाती है। शुम्भ-निशुम्भ और महिषासुर का संहार करने वाली अम्बे गौरी की स्तुति।
शिव जी की आरती, जो सोमवार, महाशिवरात्रि और श्रावण मास की पूजा में गाई जाती है। ब्रह्मा, विष्णु और सदाशिव की एकता का स्मरण।
भस्मप्रिया भूतपते — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
महालक्ष्मी जी की आरती, जो दीपावली और शुक्रवार की पूजा में गाई जाती है। सुख, सम्पत्ति और ऋद्धि-सिद्धि की दात्री का स्मरण।
तुलसीदास रचित श्रीराम की स्तुति, छह छंदों और समापन सोरठा सहित। रामनवमी और राम पूजा में गाई जाती है।
वेदमाता गायत्री की आरती, जिसमें ज्ञान का दीप और श्रद्धा की बाती अर्पित करने का भाव है।
जयजयजी मदनांतक गौरीशंकरा — श्री शंकराची आरती। A Marathi Aarti of Shankar.
Sanskrit text from Sanskrit Wikisource.
शिरडी के साईंबाबा की मराठी आरती, जो गुरुवार की पूजा और साईं मन्दिरों में गाई जाती है।
सत्यनारायण भगवान की आरती, जो सत्यनारायण व्रत कथा के समापन पर गाई जाती है।
विद्या, बुद्धि और भक्ति की जननी सरस्वती जी की आरती, जो वसन्त पंचमी और विद्यारम्भ के अवसर पर गाई जाती है।